मोदी सरकार का ये फैसला पलट देगा पूरा टेलिकॉम सेक्टर, दूरसंचार मंत्री ने किया ऐलान

केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई एक अहम बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। भारत सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर (Telecom Sector) में 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दे दी है। टेलिकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में इसका ऐलान किया।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज टेलिकॉम सेक्टर के ऑटोमेटिक रूट में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी गई है। कैबिनेट ने कुल 9 स्ट्रक्चरल रिफॉर्म को मंजूरी दी है। इसके अलावा 5 प्रोसेस रिफॉर्म को मंजूरी दी गई है। टेलीकॉम कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR पेमेंट पर भी 4 साल की राहत मिलेगी।

इसके अलावा कर्ज में डूबे तमाम टेलिकॉम सेक्टर को राहत देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने टेलीकॉम द्वारा स्पेक्ट्रम बकाया के भुगतान पर रोक को मंजूरी दे दी है। टेलिकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम चार्जेज और AGR बकाए को लेकर 4 सालों का मोराटोरियम दिया जाएगा।

टेलिकॉम मिनिस्टर ने बताया कि स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज को भी घटाए जाने की तैयारी है। साथ ही बैंक गारंटी को घटाने की तैयारी चल रही है। वहीं AGR कैलकुलेशन के तरीके को भी बदलने पर विचार चल रहा है। अब एजीआर में नॉन टेलिकॉम रेवेन्यू को शामिल नहीं किया जाएगा।

इस समय Vodafone Idea को इस राहत पैकेज की सबसे बड़ी जरूरत थी। जून तिमाही में कंपनी पर कुल 1.92 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें स्पेक्ट्रम चार्जेज, AGR बकाया और बैंकों का बकाया शामिल है।

इसके अलावा स्पेक्ट्रम चार्जेज करीब 1.06 लाख करोड़ का है। वहीं, AGR बकाया करीब 62 हजार करोड़ का है, जबकि फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन का बकाया 23,400 करोड़ का है। कंपनी के पास कैश फंड 920 करोड़ रुपये का था।

भारत सरकार ने इस कैबिनेट मीटिंग में ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए 26,058 करोड़ रुपए की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को भी मंजूरी दी है।